Wednesday, 4 May 2016

क्या आपका भी पीपीएफ (PPF) अकाउंट है? एक नया नियम हो चुका है लागू, जानें इसके बारे मेंक्या आपका भी पीपीएफ (PPF) अकाउंट है? एक नया नियम हो चुका है लागू, जानें इसके बारे में

प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली: क्या आपके पास अपना पीपीएफ (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड=सार्वजनिक भविष्य निधि ) अकाउंट है? यदि है तो यह खबर आपके काम की है। पहले 15 साल की मियाद पूरी होने से पहले पीपीएफ की पूरी रकम नहीं निकाली जा सकती थी। प्रीमच्योर क्लोजर भी नहीं किया जा सकता था। केवल अकाउंट होल्डर की मृत्यु के बाद ही पूरी रकम निकाल सकना संभव था, ऐसी परिस्थिति में अकाउंट की पूरी रकम नॉमिनी को दे दी जाती थी। सरकार ने पीपीए से जुड़े एक नियम में बदलाव किया गया है और नया नियम आपके लिए जरूरत पड़ने पर फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

निकाल सकेंगे पूरी रकम बशर्ते...
नए नियम के मुताबिक, आप अपने पीपीएफ अकांउट को 15 साल का समय पूरा होने से पहले ही बंद कर सकते हैं और जमा हुई पूरी रकम निकाल सकते हैं। हालांकि यह केवल निश्चित परिस्थितियों में ही संभव है। गौरतलब है कि इस नियम का फायदा लेने के लिए आपके अकाउंट को कम से कम पांच साल हो चुके होने चाहिए। नया नियम 1 अप्रैल 2016 से लागू हो चुका है।

इन हालातों में निकाल सकेंगे पीपीएफ की पूरी रकम...
किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में आप अपना अकाउंट क्लोज कर सकते हैं और पूरी रकम निकाल सकते हैं। इसके अलावा यदि आप अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए रकम का जुगाड़ कर रहे हैं तो पीपीएफ अकाउंट जिसे खोले हुए पांच साल हो चुके हों, से पूरी रकम निकाल सकते हैं।

आंशिक विदड्रॉल से जुड़े नियम में कोई बदलाव नहीं...
आंशिक विदड्रॉल से जुड़ा नियम पहले जैसा ही है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह अकाउंट खोलने के सातवें साल से लागू होता है और इसके मुताबिक साल में एक बार कुछ रकम निकाली जा सकती है।

लेकिन एक पेंच यह भी है...
लेकिन, इसमें एक पेंच भी है। नए नियम के मुताबिक, 15 साल पूरा होने से पहले पीपीएफ अकांउट को बंद तो किया जा सकता है लेकिन इसके लिए आपको 1 फीसदी का ब्याज बतौर पेनल्टी उस ब्याज दर पर चुकाना होगा जोकि आपने अपने अपनी कुल जमा रकम पर हासिल किया होगा।

एक और जरूरी सूचना...
एक सूचना आपको चलते चलते और दे दें... पब्लिक प्रॉविडेंट फंड के लिए सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2016 से ब्याज की दर 8.10% (सालाना चक्रवृद्धि) कर दी गई है। यह पूरी तरह से टैक्स फ्री ब्याज मुहैया करवाता है, इसलिए इनकम टैक्स संबंधी इन्वेस्टमेंट के लिए भी यह सैलरी क्लास लोगों का पसंदीदा ऑप्शन रहा है।